लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को विज्ञापन जारी करने की मांग, छोटे-छोटे अखबारों के संपादकों के घरों के चूल्हे बुझाने पर उतरु है कमलनाथ सरकार व उसके मंत्री जनसंपर्क विभाग के अधिकारीगण
December 19, 2019 • M.S.Bishotiya9425734503

छोटे और मध्यम समाचार पत्रों पर दमनकारी नीति अपना रही है मप्र सरकार ।

फर्जी पत्रकारों पर जनसंपर्क विभाग आर एन आई प्राप्त पत्रकारों को जनसंपर्क विभाग आइडेंटी कार्ड एवं सम्मत सभी विभागों में सूची भेज कर फर्जी पत्रकारों की रोक करें यूट्यूब एवं कुछ वेबसाइट के नामों से फर्जी बढ़ा कर रहे फर्जी पत्रकारों पर रोक लग सके और सही जिससे भारत सरकार से आर एन आई प्राप्त पत्रकारों को पहचान मिल सके ।बड़े बड़े अखबारों की एजेंसी लेकिन भी पत्रकार बन कर लोगों को ठगने का कम भी बंद हो सके ।  

जनसंपर्क विभागविभाग अधिकारियों की नीतियों के खिलाफ दिया ज्ञापन।

भोपाल। भोपाल जनसंपर्क संचनालय पर प्रिंट मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन का प्रस्तावित धरना था मगर धरने के  एक दिन पहले ही प्रिंट मीडिया जर्नलिस्ट एसोसिएशन के कथित राष्ट्रीय अध्यक्ष परवेज भारतीय ने धरने को स्थगित कर दिया धरने को स्थगित करने का कारण जनसंपर्क अधिकारियों से आश्वासन मिलना बताया मगर सोशल मीडिया पर चल रही पोस्टों में छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के संपादकों ने परवेज भारतीय पर साठगांठ के आरोप लगाए इससे नाराज कुछ संपादक जनसंपर्क संचनालय भोपाल पहुंचे जिन्होंने जनसंपर्क संचनालय पर लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों से भेदभाव पूर्ण रवैया अपनाए जाने पर नाराजगी जाहिर की जहां एक तरफ जनसंपर्क संचनालय ज्यादा प्रसार वाले समाचार पत्रों को निरंतर विज्ञापन जारी कर रहा है वहीं लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों को विज्ञापन देने में आनाकानी कर रहा है जो पिछली सरकार में विज्ञापन जारी होते थे लगभग उन विज्ञापनों पर भी वर्तमान कांग्रेश सरकार ने शिकंजा कस रखा है संपादकों के आरोप हैं की जनसंपर्क अधिकारी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं जनसंपर्क के अधिकारी पर्ची सिस्टम को विकसित किए हुए हैं पर्चियां पहुंचती हैं उनका बिलों का भुगतान और विज्ञापन जारी हो जाता है बाकी अन्य समाचार पत्रों को जनसंपर्क अधिकारी ना तो विज्ञापन जारी कर रहा ना पुराने विलो का भुगतान कर रहें  है कांग्रेश सरकार दमनकारी नीति अपना रही है सरकार को लघु समाचार पत्र पत्रिकाओं को साल मैं 4-5 विज्ञापन जारी करने चाहिए जैसे पिछली सरकार मैं जारी होते थे विरोध मे कुछ समाचार पत्रों ने तो 16 व 17 दिसंबर को समाचार पत्र के प्रथम पृष्ठ को प्रेस के लिये काला दिवस के रूप मे भी छापा है।

इनका केहना है‌।

  वर्तमान मप्र कांग्रेस सरकार दमनकारी नीति अपना रही है जो ठीक नही है अगर यही हाल रहा तो मजबूरन धरना आन्दोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा जिसके जिम्मेदार सरकार में मंत्री जनसंपर्क विभाग के अधिकारी कमलनाथ होगे ।

               जयवंत ठाकरे

      राष्ट्रीयअध्य्क्ष म.प्र. मीडिया संघ

जनसंपर्क संचनालय के पास बड़े प्रसार वाले समाचार पत्रों के लिए वजट है लघु व मझोलों के लिए नही मंत्रीयो की वजह से कमलनाथ खुद गुमराह हो रहे हैं की मेरी सरकार में सब ठीक-ठाक है कोई भी परेशान नहीं हैं ।

                राजेन्द्र विजवे

राष्ट्रीय सदस्य आल स्माल एन्ड मीडियम न्यूज़ पेपर ऑफ इंडिया

अगर वजट नही है तो बड़े (ज्यादा प्रसार वाले ) समाचार पत्रों को विज्ञापन कैसे जारी हो रहे है मंत्री। और जनसंपर्क विभाग के अधिकारी मिल कर जनसंपर्क विभाग को बड़े अखबारों में विज्ञापन छपा कर छोटे मझोले समाचारों को बेसहारा कर रहे है।

                   नरेंद्रनामदेव               

म.प्र.अध्य्क्ष आल स्माल एन्ड मीडियम न्यूज पेपर ऑफ इंडिया।