जिस मनरेगा को जी भर कोसा वहीं सहारा बनी शिवराज सरकार का काम है भ्रम और झूठ फैलाना।
May 26, 2020 • M.S.Bishotiya

 भोपाल। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने भाजपा के जुमलों की पोल खोली  भोपाल ग्वालियर कोरोना के कारण संकट में आम लोगों की परेशानी में भी शिवराज सरकार खुद भ्रम और झूठ फैला रही है । सत्य और तथ्य को छुपा रही है। आज यहां ज़ूम के माध्यम से एक पत्रकार वार्ता में पूर्व पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री कमलेश्वर पटेल ने कहा कि भ्रम फैलाने की शुरुआत प्रधानमंत्री से होती है । उन्होंने कहा कि जिस मनरेगा को प्रधानमंत्री और पूरी भाजपा कांग्रेस की विफलताओं का स्मारक कहती रही अब उसी मनरेगा के भरोसे श्रमिकों का उत्थान करने की बात कह रहे हैं। मोदीजी ने मनरेगा को गढ्ढे खोदने वाली योजना बताया था। उन्होंने पूछा कि आज जब मनरेगा में पैसे दिये तो क्या गढ्ढे खोदने के लिए दिये हैं? पटेल ने कहा कि मज़दूरों की पीड़ा की घोर अनदेखी हो रही है। उन्होंने शिवराज सिंह सरकार से पूछा कि जब वे 15 सालों से सत्ता में थे तो उन्हें क्यों नही मालूम कि असंगठित क्षेत्र में कितने मज़दूर है? इसकी जानकारी साफ-साफ जनता और मीडिया को बताना चाहिए । ऐसे श्रमिकों के लिए नीति या योजना बनाने में सरकार को विषय विशेषज्ञों का सहयोग लेना चाहिए। श्रम सिद्धि योजना के सबंध में पूर्व मंत्री ने सवाल किया कि यह मनरेगा से किस तरह अलग है? उन्होंने कहा कि जब विदेशो से आने वालों की जांच हो रही है तो घर वापस हुए मजबूर श्रमिक भाई बहनों की ठीक से जांच क्यों नही हो पा रही है? पूर्व मंत्री ने ग्रामीण मज़दूरों पर आजीविका का घोर संकट का जिक्र करते हुए कहा कि मज़दूरी की दर दो गुना करने में सरकार को क्या समस्या है? श्रम कानूनों में सुधार के मामले में पूर्व मंत्री ने कहा कि श्रमिक भाइयों की बिना सहमति लिए कानून में सुधार करने का एक तरफा निर्णय गलत है । हर पल जुमलेबाजी पटेल ने कहा कि 15 सालो में जुमलेबाजी करते हुए अब शिवराज सरकार को गरीब किसानों की कर्ज माफी नहीं दिखती ? बिजली के बिलों में जो कमी आई थी वह नहीं दिखती? गरीब परिवारों के लिये बढी खादयान्न सुरक्षा नहीं दिखती ? बुजुर्गों के लिये बढी पेंशन, कन्या विवाह की बढी हुई राशि, गेंहू की बढी हुई पैदावार नहीं दिखती ? उन्होंने कहा कि जिस माफिया से शिवराज सिंह सरकार परेशान थी उसका खात्मा नहीं दिखता ? पूर्व मंत्री ने कहा कि भाजपा का यही चरित्र है। झूठ बोलते रहो और झूठ प्रचारित करते रहो। जितना ज्यादा से ज्यादा हो सके भ्रम फैलाते रहो। बातें करते रहो काम मत करो। पहले तो जनता से सच छिपाते थे आजकल तो मीडिया से भी सच छुपाते हैं।