डबरा। (पंचमहलकेसरीअखबार)पत्रकारों ने दिया ग्रह मंत्री को पत्रकारों के ऊपर झूठी एफआईआर दर्ज करने की जांच करने का ज्ञापन सौंपा और बिना जांच के नहीं की जाये पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज।
June 20, 2020 • M.S.Bishotiya

डबरा। भारतीय संविधान में लेखक को स्वतंत्र लेखन लिखने की पात्रता प्राप्त है लेखनी से हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर कर उसकी आवाज को शासन प्रशासन तक लेखनी के माध्यम से सर्वजन करना उसका कर्तव्य है लेकिन आज के युग में चौथे स्तंभ को लोकतांत्रिक तरीके से उसको दबाने की कोशिश की जाती है लेकिन ग्वालियर डबरा पत्रकारों को मौत के घाट झूठी एफआईआर दर्ज कराई जाती है ऐसी ही एक घटना डबरा शहर में हुई इलेक्ट्रॉनिक मीडिया बेबसाइटो प्रिंट मीडिया के पत्रकारों ने एक आरामशीन से हरीलकडी कटने की खबर अपने न्यूज चैनल पर प्रसारित किया उससे नाराज़ हो कर मलिक ने एक सामूहिक पत्रकारों के खिलाफ देहात थाने में मामला दर्ज करा दिया जवकि डबरा के सामूहिक पत्रकार एडिशन एसपी को आरामशीन के मलिक के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए जिला ग्वालियर में एक ज्ञापन 19.6.2020को दिया लेकिन ग्वालियर से पत्रकार डबरा में आ भी नहीं पाते जब तक देहात थाना प्रभारी ने आरामशीन के मलिक के दिये गये आवेदन पत्र पर पत्रकार भरतरावत, गिर्राज शर्मा सुनील राजावत पर एफ आई आर दर्ज कर दी जिसकी जानकारी पत्रकारों को पेपर अखबारों के माध्यम से लगी तो सभी पत्रकारों ने एक राय होकर म.प्र.शासन के ग्रह मंत्री डाक्टर नरोत्तम मिश्रा जी को लक्ष्मी नारायण मंदिर भितरवार रोड डबरा पहुंच कर एक ज्ञापन दिया जिसमें कहा गया कि पत्रकारों को समाजिक न्याय हित में लेखने का अधिकार है लेकिन प्रशासन अधिकारी पुलिस उस लेखनी को दबाने की कोशिश करते हैं और अपराधीयो का सहयोग कर पत्रकारों पर झूठे मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। (पंचमहलकेसरी अखबार डबरा जिला ग्वालियर मध्य प्रदेश) जवकि आरामशीन के मलिक ने इलेक्ट्रॉनिक चैनल के पत्रकारों पर आरोप लगाया है कि रुपए मांगे थे जिससे आप की खबर नहीं लगेगी यह सरासर झूठ है इसकी निष्पक्षता की जांच कराई जाए और एफ आई आर में एफ आर कर वापस ली जाए और आगामी भविष्य में पत्रकारों के ऊपर बिना जांच के एफ आई आर दर्ज नहीं कीजाए इस विषय पर मंत्री जी ने एसडीओपी उमेशतोमर थाना प्रभारी देहात और एसपी ग्वालियर नवनीत भसीन से निष्पक्ष जांच के आदेश दिए और यह भी कहा जब तक जांच चले किसी भी पत्रकार को पुलिस द्वारा परेशान नहीं किया जावे जिससे पत्रकारों छवि धूमिल होती है और पत्रकारों पर विलंब लगता है ज्ञापन देने वाले सुनील मुद्गल, भरत रावत गिर्राज शर्मा जितेंद्र गौतम भगवत शर्मा आदि। पत्रकारों का कहना है ।

 

पत्रकार के हित में ज्ञापन सौंपा है ग्रह मंत्री जी को पत्रकारों पर बिना जांच के झूठे मुकदमा दर्ज किया है हमने जांच की मांग की है। पत्रकारों ने कोई भी आरामशीन के मलिक से रुपए नहीं मांगें।

सुनील मुद्गल पत्रकार