विश्व बधिर दिवस से पहले जोश फ़ाउंडेशन और मिठीबाई कॉलेज के‌ छात्रों ने मानव श्रृंखला बनाकर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
September 29, 2019 • M.S.Bishotiya

 

लोगों को जोड़ने की कोशिश
रिपोर्ट -के.रवि ( दादा 
पंचमहलकेसरीअखबार
मुंबई। गैर-सरकारी संस्था जोश फ़ाउंडेशन के  प्रमुख जयंत गांधी व ऑडियोलॉजिस्ट-स्पीच थेरेपिस्ट देवांगी दलाल ने एसवीकेएम मीठीबाई कॉलेज द्वारा आयोजित किये जाने वाले व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान रखने वाले इंटर-कॉलेज सांस्कृतिक कार्यक्रम क्षितिज के साथ साझेदारी करते हुए विश्व बधिर दिवस से पहले बधिर लोगों की तरफ़ मदद का हाथ बढ़ाया।
इस अनूठी किस्म की पहल के दौरान जोश फाऊंडेशन और सामान्य छात्रों ने हाथों में हाथ डालकर एक मानव श्रृंखला का निर्माण किया, जिसका मक़सद बधिर लोगों के प्रति सद्भावना दर्शाना और समाज में समानता की ज़रूरत को रेखांकित करना था। इस विशेष कार्यक्रम में चार सौ छात्रों ने अपनी सहभागिता दर्शायी, जिसमें शहर के विभिन्न स्कूलों के  एकसौ पाचस बधिर बच्चे भी शामिल हुए।
देवांगी दलाल और जोश फ़ाउंडेशन की टीम द्वारा  हियरिंग एड बच्चों के बीच बांटे गये, जिनकी कुल कीमत दस लाख रुपये थी। इस कार्यक्रम का आयोजन विले पार्ले स्थित जशोदा रंग मंदिर में किया गया था।ग़ौरतलब है कि अभिनेता जॉनी लीवर और रोहित रॉय ने पुरज़ोर अंदाज़ में अपनी मौजूदगी दर्ज़ कराते हुए इस नेक काम में अपना पूरा सहयोग देने का प्रण भी लिया। उल्लेखनीय है कि यहां पर बच्चों और सेलिब्रिटीज़ को योग करते हुए। बाद में स्वादिष्ट व्यंजन का लुत्फ़ उठाया गया।
जिन्हें नहीं पता उन्हें बता दें कि बधिर होना एक ऐसी अवस्था है, जहां लोग आंशिक रूप से या फिर बिल्कुल भी सुनने की हालत में नहीं होते हैं। भारत में बड़ी तादाद में  विधुर लोग रहते हैं और देश में ऐसे बच्चों की संख्या तकरीबन बीस लाख है।ऐसे नेक मक़सद रखनेवाले कार्यक्रमों को यूं ही लोगों का ख़ूब सहयोग प्राप्त होता रहे, यही हमारी कामना!